नार्वे की कंपनी बिहार में लगायेगी सोलर प्लांट, 3600 करोड़ रुपये का होगा निवेश

नार्वे की कंपनी बिहार में लगायेगी सोलर प्लांट, 3600 करोड़ रुपये का होगा निवेश

By: Roshan Kumar Jha
January 13, 10:01
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PATNA : नार्वे की एक कंपनी बिहार में सोलर पावर प्लांट लगायेगी. इसके लिए उसके अधिकारियों ने राज्य निवेश प्रोत्साहन पर्षद (एसआईपीबी) योजना के तहत उद्योग विभाग के पास आवेदन किया है. इसमें कंपनी ने 3600 करोड़ रुपये निवेश का प्लान दिया है. इस प्लान को एसआईपीबी के तहत स्टेज-वन क्लीयरेंस मिल चुका है. यह सोलर प्लांट 500 मेगावाट क्षमता का होगा. उद्योग विभाग के आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि नार्वे की कंपनी मे. हैमलेट एंड सोलर प्रजेंट कोलेबोरेटर्स प्राईवेट लिमिटेड ने यह प्रोजेक्ट लगाने के लिए वैशाली जिले में जंदाहा के पास पातेपुर में जगह का चयन कर लिया है. वहां शुरुआती निर्माण कार्य शुरू हो चुका है. इसके साथ ही स्टेज-1 क्लीयरेंस वाले दो अन्य प्रस्ताव भी सौर ऊर्जा से जुड़े हैं. इनमें एक सोलर प्लांट बांका के बौंसी में 27.64 करोड़ की लागत से उदिप्ता एनर्जी, जबकि दूसरा गया के शेरघाटी में 81.23 करोड़ की लागत से सनमार्क एनर्जी लगायेगी. दोनों प्रस्तावों पर ऊर्जा विभाग से मंतव्य मांगा गया है.

 
 
बिहार को कितनी बिजली की है आवश्यकता 
ऊर्जा विभाग के आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि इस समय बिहार में प्रतिदिन पांच हजार मेगावाट बिजली की आवश्यकता है. जबकि करीब चार हजार मेगावाट की सप्लाई हो रही है. केंद्रीय कोेटे से 2200 से 2500 मेगावाट बिजली मिल रही है. कांटी थर्मल पावर से करीब 400 मेगावाट बिजली मिल रही है. वहीं बाजार से 1200 से 1500 मेगावाट बिजली खरीदनी पड़ रह रही है.इस तरह ज्यादातर निर्भरता थर्मल पावर प्रोजेक्ट्स पर है. 
 
वैशाली के पातेपुर में लगेगा 500 मेगवाट का सोलर पावर प्लांट  
बांका के बौंसी में Rs 27.64 करोड़ से  उदिप्ता एनर्जी, गया के शेरघाटी में Rs 81.23 करोड़ से  सनमार्क एनर्जी लगायेगी सोलर प्लांट घरों में सोलर रूफटॉप प्लांट लगाने पर 75% अनुदान
 
बिहार में लगभग नौ महीने तक  बढ़िया सूर्य प्रकाश मिलता है. ऐसे में यहां सौर ऊर्जा उत्पादन का बेहतरीन विकल्प मौजूद है. केंद्र सरकार की स्टार्टअप इंडिया की थीम में भी सौर ऊर्जा पर जोर दिया गया है. वहीं बिहार सरकार 2016 से लोगों को     

 
अपने घरों में कम कीमत पर सोलर रूफटॉप बिजली प्लांट लगाने की योजना चला रही है. सरकार की ओर से इसके लिए करीब 75% राशि अनुदान की व्यवस्था है. प्लांट लगाने वालों को कुल लागत का महज 25% खर्च करना होगा. निजी घरों में प्लांट लगाने के लिए राज्य सरकार 45% तक अनुदान देगी, जबकि बाकी 30% अनुदान केंद्र सरकार देती है. वैकल्पिक ऊर्जा के स्रोत को बढ़ावा देने के उद्देश्य के तहत सदर अस्पताल, समाहरणालय व जिला अतिथि गृहों, अभिलेख भवन, मुख्य न्यायाधीश का आवास, विद्युत भवन, राजभवन, जेपी और बीआर अांबेदकर विवि आदि में सोलर रूफटॉप पावर प्लांट लगाये गये हैं. 

क्या होगा फायदा  
निजी सोलर रूफटॉप पावर प्लांट से बिजली की बचत होगी, जिसका उपयोग उद्योग और कृषि के क्षेत्र में हो सकेगा. इस बिजली के उपयोग से उत्पादन में वृद्धि की जा सकती है. किसानों को ज्यादा से ज्यादा बिजली उपलब्ध कराया जायेगा. बिजली का उपयोग घरों में कम होगी तो बिजली बिल भी कम भरना होगा. इससे उपभोक्ताओं का ही फायदा होगा. देर रात में जब बिजली की खपत कम होगी तब लोग इसका उपयोग कर बिजली की बचत कर सकेंगे.

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