रोहिंग्या मुसलमानों पर मायावती का बड़ा बयान, कहा- इंसानियत के नाते सख्ती ना दिखाए मोदी सरकार

रोहिंग्या मुसलमानों पर मायावती का बड़ा बयान, कहा- इंसानियत के नाते सख्ती ना दिखाए मोदी सरकार

By: Sachin
September 13, 04:09
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New Delhi: बसपा सुप्रीमो मायावती ने पड़ोसी देश म्यांमार में हिंसा के कारण भारत में शरणार्थी बनकर पनाह लेने वाले हजारों रोहिंग्या मुसलमान परिवारों के प्रति संवेदना और सहानुभूति व्यक्त करते हुए भारत सरकार से कहा कि उनके प्रति इंसानियत के नाते सख्त रवैया नहीं अपनाना चाहिए और न ही राज्यों को इसके लिए मजबूर करना चाहिए।

मायावती ने कहा, 'म्यांमार के सीमावर्ती राज्य में अशांति के कारण लाखों रोहिंग्या मुसलमान बंगलादेश और हजारों भारत के कई राज्यों में भी शरणार्थी बनकर रह रहे हैं। उनके प्रति मोदी सरकार का रवैया स्पष्ट न होने के कारण राज्य सरकार असमंजस की स्थिति में है।

उन्होंने आगे कहा, 'भारतीय संस्कृति और सभ्यता को ध्यान में रखते हुए भारत सरकार को इन शरणार्थियों के प्रति मानवीय दृष्टिकोण अपना चाहिए। साथ ही, म्यांमार और बांगलादेश की सरकार से चर्चा कर रोहिंग्या मुसलमानों के मसले को सुलझाने का प्रयास करना चाहिए ताकि उन्हें पलायन करे की जरुरत न पड़े।'

रोहिंग्या मुसलामानों को शरण नहीं देगा भारत

गौरतलब है कि गृह मंत्रालय अपने एक बयान में कह चुका है कि वह रोहिंग्या मुसलमानों को भारत में शरण नहीं देगा, यदि कोई रोहिंग्या मुसलमान भारत में आ भी गया तो उसे वापस लौटा दिया जायेगा। वहीं भारत-म्यांमार बॉर्डर पर भारतीय सेना ने चौकसी बढ़ा दी है साथ ही सीमा पर रेड अलर्ट भी जारी कर दिया गया है।

ये है विवाद

ये बात 12वीं सदी के शुरुआती दशक की है, जब रोहिंग्या मुसलमान म्यांमार के रखाइन क्षेत्र में आकर बस गए, लेकिन स्थानीय बौद्ध समुदाय के लोग उन्हें आज तक नहीं अपना सके। वहीं 2012 में रखाइन क्षेत्र में ही कुछ सुरक्षाकर्मियों की हत्या के बाद रोहिंग्या मुसलामानों और सुरक्षाकर्मियों के बीच हिंसा की आग भड़क उठी और ये हिंसा रोहिंग्या समुदाय के खिलाफ अभी भी हिंसा जारी है, जिसके चलते रोहिंग्या और म्यांमार के सुरक्षा बल एक-दूसरे पर अत्याचार करने का आरोप लगा रहे हैं। ताजा मामला 25 अगस्त को हुआ, जिसमें रोहिंग्या मुसलमानों ने पुलिस वालों पर हमला कर दिया। इस हमले में कई पुलिस वाले घायल हुए, जिसके बाद म्यांमार के हालात और भी खराब हो गए।

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