कॉलेजों में छात्रों की उपस्थिति पर ध्यान दें शिक्षक

कॉलेजों में छात्रों की उपस्थिति पर ध्यान दें शिक्षक

By: Prateek Kumar
January 13, 09:01
0
...

DARBHANGA :   का¨सदसंविवि में संबद्ध शास्त्री व उपशास्त्री स्तर के कॉलेजों समेत वित्त पोषित संस्कृत कॉलेजों के प्रधानाचार्यों की बैठक शुक्रवार को कुलपति प्रो. सर्व नारायण झा की अध्यक्षता में हुई। उन्होंने प्रधानाचार्यों से कहा कि कॉलेजों में छात्रों की उपस्थिति अच्छी नहीं है। यह कभी नहीं भूलना चाहिए कि संस्कृत है तभी हम सभी का अस्तित्व कायम है।

इसलिए बेहतर होगा कि कॉलेजों के सभी शिक्षक कम से कम दो- दो छात्रों को ही जतन से पढ़ाना शुरू कर दें तो पूरा माहौल ही बदल जाएगा। विश्वविद्यालय की ख्याति पहले की भांति फिर से सर्वमान्य हो जाएगी। पीआरओ निशिकांत ने बताया कि कॉलेजों में शासी निकाय के जल्द गठन की कुलपति ने सलाह दी। ताकि शिक्षकों की चयन समिति से अनुशंसा प्राप्त कर सेवा स्थायी की जा सके। बहुउद्देश्यीय भवन में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि 5 व 6 फरवरी को मुख्यालय के शिक्षकों के लिए तथा 4 व 7 फरवरी को मुख्यालय में ही संबद्ध शास्त्री कालेजों के शिक्षकों के लिए चयन समिति बुलाकर अनुशंसा की पहल की जाएगी। प्रधानाचार्यो की ओर से उठाए गए सवालों का जवाब देते हुए वीसी ने साफ कहा कि अगर किसी पत्राचार का विश्वविद्यालय से ससमय प्रतिउत्तर नहीं मिलता है तो वे पूर्व के पत्रों की कॉपी लगाकर सीधे कुलपति को लिखें। प्रधानाचार्यों की ओर से शासी निकाय के अनुमोदन में अनावश्यक होते विलंब का मुद्दा उठाए जाने पर

 

कुलपति ने भरोसा दिलाया कि नियमानुकूल समिति गठित होने की मेल से सूचना दें और वापसी मेल में विश्वविद्यालय से अनुमोदन मिल जाएगा। जहां कहीं समिति गठन में परेशानी हो रही है वहां के प्रधानाचार्य या उनके प्रतिनिधि सीधे कुलपति से कार्यालय अवधि में संपर्क कर निदान कर सकते हैं। वीसी ने प्रधानाचार्यों से बेवजह मुकदमे के चक्कर में न पड़ने की सलाह दी। इससे विवि व सरकार समेत वादी का समय व पैसा दोनों जाया होता है। उन्होंने कहा कि जो नियमानुकूल हक व हु़कू़क है, ये सभी को मिलेंगे । छात्रों की संख्या बढ़ाने के लिए वीसी ने सुझाव दिया कि कॉलेज अपने आस- पास के क्षेत्रों में प्रचार- प्रसार करें कि संस्कृत की पढ़ाई से रोजगार मिल सकते हैं। साथ मिश्रित पाठ्यक्रम शुरू करने की भी वकालत उन्होंने की। शिक्षकों की टीम बनाकर इस कार्य को आसानी से अंजाम तक पहुंचाया जा सकता है। वहीं कालेजों में पृथक महिला प्रसाधन की व्यवस्था करने को भी कहा गया।

हर ताज़ा अपडेट पाने के लिए के फ़ेसबुक पेज को लाइक करें।
comments